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Indian Space Research Organization (ISRO) कल रचेगा इतिहास, लांच करने जा रहा है NVS-01 सैटेलाइट

Rajesh Sachdeva
Last updated: 2023/05/28 at 3:09 PM
Rajesh Sachdeva
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3 Min Read
ISRO
ISRO Indian Space Research Organisation
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— सेटेलाइट का मुख्य उद्देश्य नेविगेशन और निगरानी की क्षमता प्रदान करना

दी स्टेट हैडलाइंस
दिल्ली l
Indian Space Research Organization (ISRO) सोमवार को नेवीगेशन सैटेलाइट NVS-01 की अगली पीढ़ी का परीक्षण करने जा रहा है। इसलिए सोमवार का दिन भारत के लिए एक अहम हो सकता है। इस नए प्रोजेक्ट सैटेलाइट का मुख्य उद्देश्य नेविगेशन और निगरानी की क्षमता प्रदान करना रहेगा। इस संबंध में इसरो द्वारा जानकारी दी जा रही है कि NVS-01 एक नेवीगेशन सेटेलाइट का मिशन करीब 2232 किलोग्राम का होगा। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से यह जियोसिंक्रोनस सैटलाइट लॉन्च व्हीकल (GSLV) राकेट द्वारा लांच किया जा रहा है l इसके लिए लगभग सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली गई है और सोमवार को यह लांच कर दिया जाएगा। जिसको लेकर ISRO काफी ज्यादा उत्साहित भी है l

Contents
— सेटेलाइट का मुख्य उद्देश्य नेविगेशन और निगरानी की क्षमता प्रदान करनातारामंडल की नेविगेशन ISRO द्वारा विकसित एक क्षेत्रीय नेविगेशन उपग्रह प्रणाली

इसरो (ISRO) ने बताया कि उपग्रह को ले जाने वाला यह तीन चरणों वाला राकेट श्रीहरिकोटा के दूसरे लांच पैड से सोमवार को सुबह 10:42 पर एसडीएससी-शार रेंज से प्रक्षेपित किया जाएगा। यह मौजूदा साल 2023 का पहला जीएसएलवी-एफ12 मिशन भी बनने वाला है।

यह भी पढ़े :- क्या नारियल पानी रोजाना पीना चाहिए जानिए, इसके फायदे और नुकसान ?

तारामंडल की नेविगेशन ISRO द्वारा विकसित एक क्षेत्रीय नेविगेशन उपग्रह प्रणाली

भारतीय तारामंडल की नेविगेशन इसरो द्वारा विकसित एक क्षेत्रीय नेविगेशन उपग्रह प्रणाली है जो कक्षा में 7 उपग्रहों का समूह है l जो ग्राउंड स्टेशन के साथ मिलकर काम करता है l नेटवर्क सामान्य उपयोगकर्ताओं और सामरिक उपयोगकर्ताओं अर्थात सशस्त्र बलों दोनों के लिए नौवहन सेवाएं प्रदान करता है। सेवाओं को व्यापक बनाने के लिए इस सीरीज में L1 बैंड सिग्नल भी शामिल किया गया हैl  पहली बार NVS-01 एक में एक स्वदेशी परमाणु घड़ी प्रवाहित की जाएगी।

इससे पहले के सभी NAVLC उपग्रहों की संख्या को IRNSS इंडियन रीजनल नेवीगेशन सैटलाइट सिस्टम (Indian Regional Navigation satellite system) के रूप में जाना जाता था l यह दो प्रकार की सेवाएं प्रदान करता है l स्टैंडर्ड पोजिशनिंग सर्विस (SPS) जो कि सभी उपयोगकर्ताओं को प्रदान की जाती हैं और प्रतिबंधित सेवा जो केवल अधिकृत उपयोगकर्ताओं को प्रदान की जाने वाली एक एनक्रिप्टेड सेवा है l ISRO के 8 NACLC उपग्रहों की संख्या को साल 2013 और 2018 के बीच राकेट का उपयोग करके चरणबद्ध तरीके से कक्षा में स्थापित किया गया थाl  

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Rajesh Sachdeva May 28, 2023 May 28, 2023
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